प्रतिदिन भविष्य मालिका का एक श्लोक — पंचसखा के मूल ग्रंथों से, देवनागरी लिप्यन्तरण और सरल हिन्दी भावार्थ सहित।
11 October 2026
युग-अन्त का पश्चाताप
मालिका चेताती है: वह मत बनिए जो कहे — 'हमें पता ही नहीं चला।'
…मुण्ड पिटिण कान्दिब कि कलि कि कलि… भगबान आसिथिले आम्भे न जाणिलु…
स्रोत: Kalachakra Yuga-Pralaya (Achyutananda Das) p.76-81
भावार्थ: संक्रमण के समय लोग सिर पीट-पीटकर पश्चाताप करेंगे और रोएँगे कि भगवान — सत्य अनन्त केशरी माधव — उनके बीच ही विचरण करते रहे और वे उन्हें पहचान न सके। यह चेतावनी भय नहीं, करुणा के भाव में है: संकेतों को आज, सदियों पहले से नाम लेकर बताने का सम्पूर्ण प्रयोजन यही है कि किसी को उस पश्चाताप के क्षण तक पहुँचना ही न पड़े। आज पहचान लेना ही इस शिक्षा का सार है।
प्रतिदिन यहाँ एक नया श्लोक आता है, प्रामाणिक श्लोक-संग्रह से क्रमानुसार। इन श्लोकों को सिनेमैटिक शॉर्ट्स में देखें — मालिका श्लोक वीडियो।
जय श्री माधव